बेंगलुरु में Rapido बाइक टैक्सी हादसे में महिला के इलाज का खर्च ₹20 लाख से ज्यादा पहुंचा। ₹1 लाख इंश्योरेंस कवरेज को लेकर परिवार ने सवाल उठाए। बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में Rapido बाइक टैक्सी से जुड़ा एक गंभीर सड़क हादसा इन दिनों चर्चा में है। 17 जून 2026 को हुए इस हादसे में 32 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर सानी कृष्णा गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिवार के मुताबिक, इलाज और सर्जरी पर अब तक ₹20 लाख से अधिक खर्च हो चुका है। मामला तब और गंभीर हो गया जब परिवार ने आरोप लगाया कि Rapido की ओर से उपलब्ध कराए गए इंश्योरेंस में मेडिकल खर्च के लिए करीब ₹1 लाख तक की सीमा बताई गई, जबकि पीड़िता के इलाज का खर्च कई गुना बढ़ चुका है। हालांकि, Rapido ने कहा है कि उसने परिवार से संपर्क किया, अस्पताल में सहायता की और लागू बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम प्रक्रिया शुरू कराने में मदद की। 17 जून को हुआ था दर्दनाक हादसा रिपोर्ट के मुताबिक, सानी कृष्णा 17 जून को बेंगलुरु के Byrasandra इलाके से Domlur स्थित अपने ऑफिस जा रही थीं। उन्होंने Rapido बाइक टैक्सी बुक की थी। हादसा उनके घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर हुआ। आरोप है कि बाइक सवार तेज और लापरवाही से वाहन चला रहा था। संकरी सड़क पर ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दुर्घटना हो गई। हादसे में सानी सड़क पर गिर गईं और कथित तौर पर ट्रैक्टर का पहिया उनके शरीर और चेहरे के ऊपर से गुजर गया। पुलिस जांच में बाइक और ट्रैक्टर दोनों चालकों की भूमिका की जांच की जा रही है। महिला को आईं गंभीर चोटें हादसे के बाद सानी को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें कई पसलियों में फ्रैक्चर, कंधे में चोट, फेफड़े से जुड़ी गंभीर समस्या, चेहरे पर गंभीर चोट और तिल्ली (spleen) में गंभीर चोट आई। परिवार के अनुसार, उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा है और आगे भी इलाज एवं रिकवरी की आवश्यकता है। बढ़ते इलाज खर्च के कारण परिवार पर आर्थिक दबाव भी बढ़ गया है। ₹20 लाख से ज्यादा खर्च, इंश्योरेंस को लेकर विवाद परिवार का कहना है कि इलाज पर खर्च ₹20 लाख से ज्यादा पहुंच चुका है। दूसरी ओर, परिवार ने आरोप लगाया कि Rapido की ओर से मेडिकल खर्च के लिए केवल लगभग ₹1 लाख के इंश्योरेंस कवर की बात कही गई। कुछ रिपोर्टों में Rapido की दुर्घटना बीमा व्यवस्था को लेकर बताया गया है कि बाइक सेवाओं के लिए कुल दुर्घटना कवरेज और मेडिकल खर्च की सीमा अलग-अलग हो सकती है। इसलिए ₹1 लाख को पूरे दुर्घटना मुआवजे की अधिकतम सीमा मानना जरूरी नहीं है; वास्तविक कवरेज संबंधित पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेगा। Rapido ने क्या कहा? Rapido ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जानकारी मिलते ही उसकी टीम ने परिवार से संपर्क किया और अस्पताल जाकर व्यक्तिगत रूप से सहायता की। कंपनी के अनुसार, उसने अपने इंश्योरेंस पार्टनर के साथ बीमा क्लेम प्रक्रिया शुरू कराने में मदद की और परिवार के संपर्क में बनी हुई है। कंपनी ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में परिवार को हर संभव सहायता और सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। बाइक टैक्सी की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस घटना ने भारत में तेजी से बढ़ती बाइक टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइक टैक्सी में यात्री सीधे बाइक चालक पर निर्भर होता है। ऐसे में तेज रफ्तार, गलत तरीके से ओवरटेकिंग, हेलमेट की गुणवत्ता और ट्रैफिक नियमों का पालन जैसे मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। सानी के मामले में परिवार की ओर से बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और राइडर के ड्राइविंग व्यवहार की निगरानी की मांग भी उठाई गई है। क्या बाइक टैक्सी कंपनियों को ज्यादा जवाबदेह होना चाहिए? यह मामला इस बात पर बहस को बढ़ा सकता है कि बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म को केवल ड्राइवर और यात्री को जोड़ने वाली सेवा माना जाना चाहिए या यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के मामलों में ड्राइवर की लापरवाही, वाहन का इंश्योरेंस, प्लेटफॉर्म की भूमिका और लागू कानूनों जैसे कई पहलुओं को अलग-अलग देखा जाता है। इसलिए किसी एक बीमा सीमा को देखकर पूरे मुआवजे के अधिकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। बेंगलुरु का यह हादसा बाइक टैक्सी यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटना के बाद मिलने वाले इंश्योरेंस कवर को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। सानी कृष्णा के परिवार के मुताबिक इलाज का खर्च ₹20 लाख से अधिक हो चुका है, जबकि मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज को लेकर परिवार और कंपनी के बीच विवाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस की जांच और बीमा क्लेम प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस मामले का परिणाम यह तय करने में भी महत्वपूर्ण हो सकता है कि गंभीर दुर्घटना की स्थिति में बाइक टैक्सी यात्रियों को किस स्तर तक आर्थिक और कानूनी सहायता मिलती है। Rapido bike taxi accident, Bengaluru Rapido accident, Rapido insurance ₹1 lakh, Sani Krishna Rapido accident, Rapido bike taxi news, Bengaluru bike taxi accident, Rapido insurance coverage Post navigation E20 ईंधन को लेकर केजरीवाल की अपील, पेट्रोल वाहन खरीदने से फिलहाल बचने की सलाह अरुणाचल में 60 किमी अंदर घुसी चीनी सेना? वायरल दावे का फैक्ट चेक