अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किमी अंदर घुसने का वायरल दावा फर्जी निकला।अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किमी अंदर घुसने का वायरल दावा फर्जी निकला। जानिए PIB फैक्ट चेक और जांच में वायरल वीडियो व AI तस्वीर की पूरी सच्चाई। अरुणाचल प्रदेश में 60 किमी अंदर घुसी चीनी सेना? वायरल दावे का हुआ खंडन सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हुआ कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिक अरुणाचल प्रदेश में करीब 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और कुछ इलाकों में सैन्य कैंप भी स्थापित कर लिए हैं। वायरल पोस्ट और वीडियो ने भारत-चीन सीमा को लेकर लोगों के बीच चिंता और चर्चा बढ़ा दी। हालांकि, सरकारी फैक्ट-चेक और उपलब्ध जांच के अनुसार चीनी सैनिकों के 60 किलोमीटर तक भारतीय क्षेत्र में घुसने का दावा गलत है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक इकाई ने वायरल सामग्री को फर्जी बताया और कहा कि शेयर किए जा रहे वीडियो भारत-चीन सीमा से संबंधित नहीं हैं। सोशल मीडिया पर क्या दावा किया गया? वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तवांग क्षेत्र या तकीसिंग सेक्टर के आसपास भारतीय सीमा में लगभग 60 किलोमीटर तक आगे बढ़ गए हैं।कुछ पोस्ट में सैनिकों के मार्च करने, सैन्य वाहनों और सुरक्षा बलों से जुड़े वीडियो भी शेयर किए गए। इन वीडियो को चीन की PLA की गतिविधियों से जोड़कर पेश किया गया। इन दावों के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और कई लोगों ने इसे भारत-चीन सीमा पर बड़ी सैन्य घुसपैठ के तौर पर देखा। PIB फैक्ट-चेक ने क्या कहा? PIB की फैक्ट-चेक इकाई ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का भारत-चीन सीमा से कोई संबंध नहीं है। सरकारी फैक्ट-चेक के अनुसार, चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर आने का दावा फर्जी है।इसका मतलब यह है कि वायरल वीडियो को वास्तविक सीमा घुसपैठ के सबूत के तौर पर इस्तेमाल करना सही नहीं है। वायरल वीडियो असल में कहां के हैं? फैक्ट-चेक रिसर्च में वायरल वीडियो की वास्तविक पहचान भी सामने आई। CyberPeace Research Wing के अनुसार, वायरल किए गए कुछ वीडियो में थाई सेना के जवान दिखाई दे रहे थे। ये फुटेज सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास से संबंधित थे और इनका अरुणाचल प्रदेश या भारत-चीन सीमा से संबंध नहीं था। एक अन्य वायरल वीडियो को भी कथित चीनी घुसपैठ से जोड़कर शेयर किया गया था। जांच में पता चला कि वह वीडियो जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप का था। इससे पता चलता है कि अलग-अलग घटनाओं के पुराने या असंबंधित वीडियो को एक नए और गंभीर दावे के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया गया। AI से बनाई गई तस्वीर भी हुई वायरल मामला सिर्फ वीडियो तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों को पकड़कर ले जाते हुए दिखाया गया। CyberPeace Research Wing की जांच के मुताबिक, यह तस्वीर AI-generated थी और इसका अरुणाचल प्रदेश में किसी वास्तविक घटना से संबंध नहीं था। इसे भी 60 किलोमीटर अंदर चीनी सैनिकों के प्रवेश के दावे के साथ शेयर किया गया था। यह घटना दिखाती है कि AI-generated तस्वीरें और पुराने वीडियो किस तरह संवेदनशील सुरक्षा मुद्दों पर गलत सूचना फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। क्या भारत-चीन सीमा पर तनाव नहीं है? यह समझना जरूरी है कि किसी वायरल दावे के गलत साबित होने का मतलब यह नहीं है कि भारत-चीन सीमा पर कोई विवाद या सुरक्षा चुनौती नहीं है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर लंबे समय से विवाद और अलग-अलग धारणाएं रही हैं। सीमा पर दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों को लेकर समय-समय पर तनाव भी सामने आता रहा है। लेकिन 60 किलोमीटर अंदर चीनी सेना के प्रवेश का वायरल दावा एक अलग और बहुत बड़ा आरोप है, जिसके समर्थन में वायरल किए गए वीडियो और तस्वीरें विश्वसनीय सबूत साबित नहीं हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी दावों को खारिज किया हालिया रिपोर्टों के बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी राज्य में चीनी घुसपैठ की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि स्थिति की पुष्टि के लिए सेना और स्थानीय संगठनों से जानकारी ली जाएगी। बाद की रिपोर्टों में खांडू ने यह भी कहा कि भारतीय सेना क्षेत्र में प्रभावी तरीके से गश्त कर रही है और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सोशल मीडिया पर ऐसी खबरों से कैसे बचें? भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ी खबरों को शेयर करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है: वीडियो का मूल स्रोत जांचें। केवल सोशल मीडिया कैप्शन देखकर किसी दावे पर विश्वास न करें। PIB Fact Check और भारतीय सेना जैसे आधिकारिक स्रोतों की जानकारी देखें। पुरानी तस्वीरों और वीडियो को नई घटना बताकर शेयर किए जाने से सावधान रहें। AI-generated तस्वीरों की संभावना को ध्यान में रखें। बिना पुष्टि के संवेदनशील सैन्य खबरों को आगे न बढ़ाएं। अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किलोमीटर अंदर घुसने का वायरल दावा गलत और भ्रामक है। PIB ने इस दावे को खारिज किया है, जबकि स्वतंत्र फैक्ट-चेक जांचों में भी सामने आया कि वायरल किए गए कई वीडियो और तस्वीरें या तो थाई सेना के प्रशिक्षण, अमरनाथ यात्रा या AI-generated सामग्री से संबंधित थीं। भारत-चीन सीमा से जुड़े वास्तविक सुरक्षा मुद्दों को गंभीरता से समझना जरूरी है, लेकिन अपुष्ट वीडियो और तस्वीरों के आधार पर बड़े दावे करना या उन्हें वायरल करना गलत सूचना को बढ़ावा दे सकता है। फैक्ट चेक निष्कर्ष: दावा फर्जी/भ्रामक। Chinese troops 60 km Arunachal Pradesh, Arunachal Pradesh China viral claim, China India border fact check, Chinese Army Arunachal Pradesh, Arunachal viral video, PIB Fact Check, Arunachal Pradesh news Post navigation Rapido Bike Taxi Accident: बेंगलुरु महिला का इलाज ₹20 लाख के पार, ₹1 लाख इंश्योरेंस पर उठे सवाल भारी बारिश से दरिया बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एस्केलेटर बंद; देखें तस्वीरें और वीडियो